THE BOOKS

 

​कवि की मनोहर कहानियाँ 

ISBN 978-1637455661

Poet is revered as the purest soul. But what happens when the purity itself finds its solace in the craft of immorality and the JOY OF SIN. Eminent satirist Yashwant Vyas has marvelous answers in his new release Kavi Ki Manohar Kahaniyan. An experiment with craft in satire to reveal the contemporary truth. UNPARALLELED SATIRE, MASTERFUL STORYTELLING, SUPERBLY SUCCINCT. 

नाम से हीअपने व्यंग्य की धारा बनाती ‘कवि की मनोहर कहानियां ‘ पवित्रता के मीनार से अपवित्रता का कारपोरेशन चला लेने वाले “कवि” की अद्भुत कहानियां हैं. खटाक फिक्शन सीरीज की यह  पहली कड़ी है.

​बोसकीयाना 

ISBN 9788183619790

Boskiyana  It has been a three decade long rendezvous of soaking through the effervescence of Gulzar Saheb - the poet, philosopher, filmmaker and charismatic soul. Distilled into bonds of magical quests sought in memories of songs, stars and cadance. Boskiyana brings together his philosophy of life where the story finds solace in the arms of the moment.

 
बोसकीयाना  कोई तीन दहाई  लम्बी मुलाक़ात से बीने हुए कुछ लम्हों  का दो सौ  पेजी तर्ज़ुमा  है।  इसकी अढ़ाई दिन की शक़्ल  में गुलज़ार का मक़नातीसी  जादू खुलता है... शायरी, फिल्म, ज़िन्दगी और वक़्त का जुगनू रोशन होता है।  ऐसा कि  जैसे गुलज़ार में नहा कर निकले

​ख़्वाब के दो दिन 

ISBN-13-9788126723089

Khwab ke Do Din is  a novel with novel idea. Its first part deals with the media scene of 90s and  second part with the start of 21st century. Two dreams and two awakenings. In fact his first novel CHINTA GHAR and second, COMRADE GODSE  are called Do Khwab. Published by Rajkamal Prakashan

 

मीडिया के ईथर में तैरते हुए १९९२ की नीम बेहोशी में चिंताघर नामक नामक लंबा स्वप्न देखा गया था और चौदह बरस बाद अपने सिरहाने रखी २००६ की डायरी में जो सफे मिले, उनका नाम था-कॉमरेड गोडसे। ऐसे जैसे एक बनवास से दूसरे बनवास में जाते हुए ख़्वाब के दो दिन। 

अब तक छप्पन

ISBN-81-263-1232-7

 Ab Tak Ghhappan : 56 Satires written by  are collected in book form by Bhartiya Jnanpith .

‘अब तक छप्पन’ के व्यंग्य दिलचस्प अन्दाज़ तथा विश्वसनीय प्रहार-क्षमता से आपको उस जगह खड़ा करते हैं जहाँ से आप सच को सच की तरह देख सकें। यशवंत व्यास के  मुहावरे अपने समय के द्वारा निर्मित हैं, प्रयोगशीलता जिन्हें कई बार नये समय की सूक्तियों बदल देती है।

प्रतिबद्धता यशवंत व्यास की रचनाओं की बड़ी विशेषता है।  सहजता और चमत्कारिकता इन रचनाओं का अन्तनिर्हित गुण है, जो भावभूमि के सार्थक विस्तार में प्रयुक्त होता जाता है। विषय नये हैं, शैली ऊबाऊपन और रूढ़ियों से दूर है और पठनीयता इनका अनिवार्य तत्त्व है।

The Book Of Razor Management 
हिट उपदेश  

हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध

The book of razor management on corporate jungle, HIT UPDESH  is rare mix of satire and contemporary management practices from the views of employees.  Having gleaned HIT UPDESH from the celebrated Sanskrit Classic HITOPDESH he is here with a new concept of Razor Management, written in an eminently inimitable style. 

​अपने गिरेबान में

ISBN-13: 9788171194414

Apane Gireban Men : Study  under Birala Journalism Fellowship . A rare work in Hindi  analysing Changing face of regional press. Published by Radhakrishna Prakashan.

​क्षेत्रीय पत्रकारिता के बदलते चेहरे पर  हिंदी में  अपने किस्म का पहला और सर्वाधिक चर्चित अध्ययन  अख़बारों के कलेवर, मुद्रण, प्रसार, विचार और संपादक संस्था  विलक्षण विश्लेषण

​बाज़ार, पाठक तथा व्यावसायिक मूल्यों पर स्वामी- संपादकों से सीधी बात, पाठकों से सर्वे  और उपलब्ध प्रकाशनों की तार्किक  पड़ताल ।

कॉमरेड गोडसे
ISBN-13: 9788171194414

​दंगों की कला और साम्प्रदायिकता के इस्तेमाल का चिट्ठा खोलता  बहुचर्चित उपन्यास । मीडिया की पृष्ठभूमि में अनूठी शैली में लिखा गया उपन्यास जिसे कमलेश्वर अपनी टिप्पणी में कहते हैं- इसका एक अध्याय - रात के बारह बजे - वेदना को महसूस करने के लिए काफी है .  

Novel revolves around regional press industry, communalism, market forces, black, white & grey characters and a grand fantasy. How an ordinary murder is used by media, journalists, artists, politicians, social groups and antisocial elements, is the starting point. Later, the reader discovers and rediscovers the nexus. Revolt of the two ordinary characters takes the novel to its thrilling climax.

It is fantastic, woven with the postmodern fantasy symbolism and has a unique craft. Awarded by the prestigious Bihari Samman (Birla Foundation) COMERADE GODSE is a must read. Also, in Gujrati. 

अमिताभ का अ
ISBN- 13: 9788171196951

अमिताभ बच्चन के ब्रांड विश्लेषण पर हिंदी की पहली और बहुपठित किताब जो न सिर्फ सुपर स्टार के फ़िल्मी असर की परतें खोलती है बल्कि हिंदी सिनेमा के दर्शक , समाज तथा राजनीति के व्यापक प्रश्नों को दिलचस्प अंदाज़ में व्याख्यायित कराती है। तीन संस्करण, यात्री, फुल सर्कल और राधाकृष्ण से प्रकाशित।

Amitabh Ka A : Brand Amitabh analyzed in an interesting way. How it recycled its core value and how Hindi cinema, audience, society and politics are intertwined.  

यारी दुश्मनी
ISBN-81-86116-53-2

​जो जेबें कटती नहीं क्या वे पवित्र नहीं होती? कुछ लोगों के कुरते इलाहबाद में हैं और जेबें स्विट्ज़रलैंड में, उनके लिए जेबकतरों की कार्य योजना क्या है ? यारी-दुश्मनी , छपी हुई सुर्ख़ियों और आकाशीय चैनलों से निकल कर आयी छवियों से ऊपर जाकर सच उजागर करती है. पाठकों में अत्यंत लोकप्रिय हुए स्तम्भ लेखन की बानगी जो  हर बार और दिलचस्प लगती है .

Yaari-Dushmani : Collection of articles inspired by the events, news items, issues and contradictions of our time. Published by Rachana. 

इन दिनों प्रेम उर्फ़ लौट आओ नीलकमल
ISBN-81-86116-37-0

जिस देश में लोगों को पत्थर के सिरहाने भी नसीब नहीं होते, उस देश में माइकल जैक्सन अगर एक नर्म गुदगुदा तकिया छोड़ गया है तो हमें उसका आभारी होना चाहिए . टीकमगढ़ में आखरी दिन गुज़ारती ध्रुपद गायिका असगरी बाई  बुखार में तपती रात में  सरकारी सम्मानों की गीली पट्टियों से माथा नहीं ढांप सकतीं . ठीक उस वक़्त जैक्सन के तकिये के लिए लोग मरे जा रहे हैं और लड़कियां अपने जैक्सनइ हाथ धोने को तैयार नहीं हैं.....   अंतर्विरोधों के विरुद्ध  एक विचारोत्तजक  संग्रह.

In dinon Prem urf Lout aao Neel Kamal : Collection of editorial columns published by Hansa. 

कल की ताज़ा खबर
ISBN-978-81-87482-83-3

Kal Ki Taza Khabar : How the media changed after 1995 ​and how the market forces redefined the readership market. In-depth analysis , a sequel of Apane Girebaan men. Published by Vagdevi. 

जैसे कोई कबाड़ी घर के बाहर चिल्ला रहा हो - खाली डब्बा , खाली बोतल दे दो! वैसे हीआवाज़ सुनाई देती है- अख़बार ले लो, साथ में बाल्टी -गिलास फ्री . मीडिया की ताक़त मशहूर लोगों की जन्नत में चहलकदमी करती दिखाई देती है. जीवन पारिवर्तन की गति ,मनोरंजन का अर्थशास्त्र तथा मीडिया की नैतिकता के पैमानों की नए सिरे से पड़ताल के लिए पाठकों का इस किताब से गुजरना अनिवार्य है. 

चिंताघर
ISBN-81-267-0873-5

Chinta Ghar : Awarded Novel published by Rajkamal Prakashan. Unique reading experience of  craft, language, fantasy and satire. 

 

चिंताघर  उपन्यास का  सर्वाधिक महत्वपूर्ण पक्ष है उसका स्ट्रक्चर, उसकी बुनावट - जो एकदम नई और बिम्बों के नूतन प्रयोग से बनी है. उसकी फंतासी आपको मोहती है, गहराई में ले जाती है और कभी कभी एक लम्बी  मार्मिक दृश्य कविता का सा अनुभव देती है .  मध्यप्रदेश साहित्य परिषद् से पुरस्कृत  कृति जिसकी भूमिका में श्रीलाल शुक्ल कहते हैं, हिंदी साहित्य में इसे सर्वथा नूतन प्रयोग के रूप में देखा जाना चाहिए. 

जो सहमत हैं, सुनें
Jo Sahmat hain Sunen : First published collection of satires  from Madhya Pradesh Sahitya Parishad.. 

पहला प्रकाशित  व्यंग्य संग्रह. भूमिका में आलोचक डॉ प्रभाकर श्रोत्रिय लिखते हैं- भाषा की ताज़गी और मुहावरों का नयापन  इन रचनाओं के कथ्य को ऊंचा ले जाते हैं. ये रचनाएँ  अपने शिल्प में सशक्त और  शैली में एकदम नयी हैं. कथ्य में नयी संभावनाओं के द्वार खोलती हैं.

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